कम जगह में हाइब्रिड सरसों की खेती करें और कमाएं लाखो !

 कम जगह में हाइब्रिड सरसों की खेती करें और कमाएं लाखो !

सरसों भारत के कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण फसल है और इसकी खेती देश के कई हिस्सों में की जाती है। यह अनुभवी किसानों के लिए लाभदायक साबित होती है,

लेकिन नये किसानों के लिए हाइब्रिड सरसों की खेती करना कठिन भी हो सकता है। इस लेख में, हम आपको हाइब्रिड सरसों की खेती के लिए कैसे मिट्टी चाहिए और कब बोना होता है,  

इसके  बारे में जानकारी देने का प्रयास करेगे । हम यहां आपको सरसों की खेती  उसके बीज के बारे में   जानकारी   प्रयास  करके आपको सरसों की खेती को सफल बनाने में मदद करना चाहते हैं।

हाइब्रिड सरसों की खेती
हाइब्रिड सरसों की खेती

भारत में  (सरसों की खेती) सबसे महत्वपूर्ण फसल है। सितंबर महीने में सरसों की बुवाई शुरू होती है। मध्यप्रदेश , हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, और उत्तर प्रदेश में किसान सरसों की खेती करते हैं।

लेख कम जगह में हाइब्रिड सरसों की खेती करें और कमाएं लाखो !
लेख का उद्देश्य हाइब्रिड सरसों की खेती के बारे में किसानो को जानकारी देना
किसके के लिए किसनो के लिए जो सरसों खेती करना चाहते है

सरसों की फसल को अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती। हाल के समय में  उन्नत किस्मों के बीज तैयार किए हैं। कुछ वर्षों पहले सरसों की खेती का क्षेत्रफल कम हो गया था, लेकिन सरकार द्वारा के अच्छे प्रयास और किसानों के मेहनत के बाद सरसों की खेती का क्षेत्रफल 2020 और 2022-23 में बढ़ गया है। यह बहुत अच्छी खबर है किसानों के लिए। जहां सरसों की खेती नहीं होती है, वहां किसान ध्यान देकर बड़े पैमाने पर अच्छा मुनाफा कमा सकता है।

हाइब्रिड सरसों की खेती के लिए खेत कैसे तैयार करे

उपजाऊ तत्वों की उपलब्धता: सरसों को उचित तरीके से पोषित करने के लिए, मिट्टी में उपजाऊ तत्वों की उचित उपलब्धता होनी चाहिए।

यह तत्वों में नाइट्रोजन, पोटाश और फॉस्फोरस शामिल होते हैं। हाइब्रिड सरसों की खेती के लिए, मिट्टी को पूर्णतः परिशोधित करने के बाद उपजाऊ तत्वों की उपलब्धता को बढ़ावा देना चाहिए। यदि मिट्टी में इन तत्वों की कमी होती है, तो उपज कम हो सकती है। उपयुक्त खाद का उपयोग करके इन तत्वों की उपलब्धता को पूरा किया जा सकता है।

 
  • सरसों की फसल के लिए उचित तापमान 25 से 30 डिग्री सेंटीग्रेड का होना आवश्यक है। इसके अलावा, सरसों की फसल के लिए दोमट भूमि   अच्छी   मानी जाती है, जिसमें पानी   निकलने  जगह  बना  चहिये  ।
 
  • सरसों की खेती के लिए खेत की तैयारी सबसे पहले मिट्टी पलटने वाले हल  लगाये , फिर तीन बार जुताईयाँ देशी हल या कल्टीवेटर के द्वारा करें, और इसके बाद खेत को समतल बनाने के लिए पाटा लगाएं, यह बहुत महत्वपूर्ण  होता  है।

हाइब्रिड सरसों की वैरायटी। हाइब्रिड सरसों बीज

आपको कुछ खास किस्में  के बारे में बताते हैं। ताकि आप इनमें से किसी एक का चुन सकें और खेती में अधिक मुनाफ़े ले सकें

सरसों की उन्नत किस्में उत्पादन/एकड़ पौधों की लम्बाई फसल की कटाई तेल की मात्रा
श्रीराम 1666 सरसों 12 से 13 क्विंटल 170 सेंटीमीटर 125 से 130 दिन में 40.25%
पायनियर सरसों 45s42 12 से 13 क्विंटल 160 से 180 सेंटीमीटर 125 से 130 दिन में 42.15%
पायनियर सरसों 45s35 10 से 12 क्विंटल 4 से 5 फिट 100 से 120 दिन में 42.15%
pa 5210 mustar 10 से 12 क्विंटल 180 सेंटीमीटर 130 से 135 दिन में 41%
JULIE 0 से 12 क्विंटल 180 सेंटीमीटर 130 से 135 दिन में 42%
5222 सरसों 0 से 12 क्विंटल 160 सेंटीमीटर 125 से 130 दिन में 42%

सरसों की उन्नत किस्में

सरसों की कुछ खास किस्म जो असिंचित व सिंचित खेतो  में भी सरसों की खेती की जा सकती है 

सरसों की किस्म पकने का समय औसत उत्पादन  किस्म विशेषतायें
क्रांति पीआर15 120 से 130 दिन 16 से 18 क्विंटल यह किस्म तुलसिता व सफेद होता है इस किस्म के दाना मोटा और कत्थई रंग का होता है l यह बिना पानी वाले क्षेत्रों के लिए क्रांति(पीआर15)किस्म अच्छी मानी जाती है l
लक्ष्मी (आरएच8812 ) 135 से 140 दिन 20 से 22 क्विंटल यह किस्म पकने पर इसकी फल्लीया गिरती नहीं है इस का दाना मोटा और काला रंग का होता है l
पूसा बोल्ड 125 से 130 दिन 18 से 20 क्विंटल पूसा किस्म मोटे नामक रोग कम से कम होता है l
आशीर्वाद 125 से 130 दिन 16 से 18 क्विंटल यह किस्म देरी में बुवाई की जाती है यह सिंचित क्षेत्रों के लिए कापी अच्छी मानी जाती है
आर एच-30 130 से 135 दिन 18 से 20 क्विंटल इस किस्म के दाने मोटे होते हैंl मोयला बिम्मारी का प्रकोप कम लगता है l इस को पानी वाली व बिना पानी क्षेत्रों में बुवाई की जा सकती है l
 

एक एकड़ में कितना सरसों बोया जाता है

1 एकड़ में सरसों की बुवाई यदि आपकी खेती सिंचित है तो सरसों की फसल की बुवाई के लिए 5 से 6 KG बीज प्रति हैक्टर बुवाई करनी चाहिए 

तथा 1 एकड़ लगभग  2.400 KG की बुवाई की जा सकती है 

 

सरसों की बुवाई का सही समय क्या है

सरसो का बुवाई का समय सितंबर और अक्टूबर महीने में होता है।  खेत को तैयार करके रखें। इसके बाद मिट्टी के उर्वरक शक्ति को संतुलित करने के लिए खेत को जोड़ कर रखें। इसके बाद इसमें खाद जैसे गोबर आदि को अच्छे से मिला दे। आप इसके साथ में पोटाश, फास्फोरस आदि भी मिला सकते हैं।
 

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सरसों की फसल में कौन सा खाद डालें।सरसों के लिए खाद की मात्रा

हाइब्रिड सरसों की खेती के लिए बुआई से कम से कम तीन से चार सप्ताह पहले कम से कम 8-10 टन गोबर या कम्पोस्ट खाद डालना चाहिए। इसके बाद सिंचित फसलों के लिए 87 किलोग्राम डीएपी और 32 किलोग्राम यूरिया के साथ-साथ 65 किलोग्राम सिंगल सुपर फॉस्फेट के माध्यम से कुल 60 किलोग्राम नाइट्रोजन और 40 किलोग्राम फास्फोरस प्रति हेक्टेयर देना चाहिए.
शेष 30 किलोग्राम नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के दौरान 65 किलोग्राम यूरिया प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़कना चाहिए। साथ ही फसल 40 दिन की होने पर 40 किलोग्राम सल्फर पाउडर प्रति हेक्टेयर देना चाहिए. असिंचित क्षेत्रों में 40 किलोग्राम नाइट्रोजन एवं 40 किलोग्राम फास्फोरस 87 किलोग्राम डीएपी एवं 54 किलोग्राम यूरिया प्रति बुआई के समय डालना चाहिए।
 
 

सरसों की फसल में कितने पानी देना चाहिए ,

हाइब्रिड सरसों की खेती  के लिए 4 से 5 बार सिंचाई (पानी )दे सकते है l यदि पानी की कमी है तो आप 4 बार सिचाई

कर सकते है जो इस प्रकार करनी चाहिए  
 
  • 👉 पहली  सिचाई  बुवाई के समय,दूसरी शाखाऐं बनते समय सिचाई  करना चहिये है 
  • 👉 दूसरी सिचाई आप सरसों की बुवाई हो जाने के बाद कम से कम 25से 30दिन बाद दूसरी सिचाई करना चाहिए 
  • 👉 तीसरी सिचाई  जब सरसों में फुल आने लगे तब सिचाई करना चाहिए 
  • 👉 चौथी सिचाई और अंतिम सिचाई जब फसल में फल्ली लगना चालू हो  जाये तब करना चहिये 
 यदि आपके पास पानी की  उपलब्ध है तो सिंचाई दाना पकते समय तक करना चाहिए  बुवाई के 100-110 दिन बाद करनी  जो काफी फायदेमंद हो सकती है 

 

गिराई-गुड़ाई 

सरसों की फसल में अलग -अलग प्रकार के खरतपतवार जैसे प्याजी गोयला,मोरवा,चील होता है जो सरसों की फसल  नुकसान पहुंचाते हैंl इसके को  नियंत्रण के लिए बुवाई हो जाने के बाद  १ महीने बाद कस्सी से गुड़ाई करना चाहियेl इसके बाद दूसरी गुड़ाई आप 50 दिन बाद कर करना चाहियेl 
 

सरसों में खरपतवार नाशक दवा कौन सी है?

सरसों के साथ उगने वाले खरपतवारों  को नियंत्रित करने के लिए पेंडीमेथालिन की 3 लीटर मात्रा बुवाई के 2 दिनों तक डालना चाहिये जो खरपतवार कम करता है 

 

सरसों में कौन कौन सी बीमारी लगती है?

सरसों में आरा मक्खी और पन्टेड बग आदि कारण फसल उत्पादन में असर डालता है  यह किट (बिमारी) जब फसल उगती है तब फसल को  7-10 दिनों में अधिक नुकसान पहुंचता है इस किट की रोकथाम के लिए एन्डोसल्फान 4 प्रतिसत मिथाइल पैरा थियोन 2 प्रतिशत चूर्ण 20 से 25 किलो हेक्टेयर की दर भुरकाव किया जा सकता है 

 सरसों में मोयला कीट होना बहुत आम हो गया यह फसल में  फुल आने के बाद मौसम में नमी और बादल रहते है तब मोयला किट हरे पीले और काले रंग  होते है जो फसल के अलग भागो जेसे फुल पतियों फल्लियो  का रस चूसकर सरसों की फसल को नुकसान करती है

इसे कीटो को  फसल को बचाने लिए आप इपीडाक्लोरप्रिड की 500 मिली या मेलाथियोनं 50 ई.सी.की1.25 लीटर पानी में घोल बनाकर 8 दिन के अंतराल पर दो बार छिड़काव करने चाहिएं l

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हाइब्रिड सरसों की कटाई

हाइब्रिड सरसों फसल अधिक पकने पर फलियों  निचे गिराने की सभावना बढ़ जाती हे इसलिए फसल का  पीले पड़ने एवं फलियां भूरि रंग की  होने पर फसल की कटाई कर लेनी चाहिए इसके बाद आप फसल को आपकी सुविधा के अनुसार  थ्रेसर या डंडो से पीटकर दाने को अलग कर सकते है 

 
उत्पादन कितना होता है 
  हाइब्रिड सरसों की खेती  उन्नत तकनीक से खेती करने पर औसतन 18-20  क्विंटल प्रति हेक्टयर में सरसों का उत्पादन लिया जा सकता है और  एक हेक्टेयर के लिए लगभग 20 से  25 हजार रूपये का खर्च आ जाता हैl यदि सरसों का भाव 5000 रूपये से प्रति क्विंटल  हो तो प्रति हेक्टयर लगभग 108000 रूपये तक का उत्पादन लिया जा सकते है 
FAQ.

[sc_fs_multi_faq headline-0=”h2″ question-0=”पायनियर सरसों का बीज कौन सा अच्छा है?” answer-0=”पायनियर का 45S46 का बीज अच्छा माना जाता है यह 12 से 13 क्विंटल प्रति हे. उपज देता है जो 125 से 130 दिन में सरसों फसल पक जाती इस के बीज काले होते और इस तेल की मात्र 43.12% पाई जाती है ” image-0=”” headline-1=”h2″ question-1=”हाइब्रिड सरसों की पैदावार कितनी होती है?” answer-1=”आमतौर पर हाइब्रिड सरसों 125 से 140 दिनों में पैदावार हो जाती है लेखिन हाइब्रिड सरसों वैरायटी निर्भर करता है जो पैदावार का समय अलग -अलग होती है ” image-1=”” headline-2=”h2″ question-2=”1 एकड़ में सरसों कितना होता है?” answer-2=”1 एकड़ में सरसों 12 से 13 क्विंटल बीज हो सकता है यह सरसों की किस्म पर निर्भर करता है” image-2=”” headline-3=”h2″ question-3=”ज्यादा पैदावार वाली सरसों कौन सी है?” answer-3=”लक्ष्मी RH 8812 यह सरसों  20 से 22 क्विंटल   प्रति हे. उत्पादन देती  है  इस  सरसों  की फल्ली  पकने  निचे गिरती है  नहीं   इसके दाने   मोटे  और  रंग  काला   होता है ” image-3=”” headline-4=”h2″ question-4=”सरसों के लिए कौन सा उर्वरक सबसे अच्छा है?   ” answer-4=”सरसों के लिए उर्वरक यूरिया ,डीएपी  , फास्फोरस  , सल्फर पाउडर अच्छा होता है” image-4=”” headline-5=”h2″ question-5=” सरसों में यूरिया कब दिया जाता है?  ” answer-5=” सरसों में   यूरिया  30 KG नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के दौरान 65 KG यूरिया प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़कना चाहिए” image-5=”” headline-6=”h2″ question-6=”सरसों की अच्छी पैदावार के लिए क्या करें?” answer-6=”सरसों की अच्छी पैदावार के लिए पहले अच्छी किस्म का चुनाव करे तथा समय पर खाद और सिचाई तथा कीटो रोगों बचाब के दवाई छिडकाव सही समय पर करे इसे आपको अच्छी पैदावार हो सकती है” image-6=”” headline-7=”h2″ question-7=”सरसों की डबल जीरो किस्म क्या है?   ” answer-7=”डबल जीरो किस्म किसानों के लिए यह किस्म फायदेमंद साबित होती है। औसतन, इस किस्म की बीजों से प्रति हेक्टेयर 2379 किलोग्राम उत्पादन हो सकता है। यह भारतीय सरसों की पहली डबल जीरो  किस्म  है जिसमें एरुसिक एसिड की मात्रा <2% और ग्लूकोसाइनोलेट्स की मात्रा <30ppm होती है)  डबल जीरो  किस्म लगभग 130 से 144 दिनों में पक तयार हो जाती है।” image-7=”” headline-8=”h2″ question-8=”भारत में सरसों सबसे ज्यादा कहां उगाई जाती है?” answer-8=”भारत में बहुत राज्यों सरसों की खेती की जाती है लेखिन सबसे ज्यादा सरसों का उत्पादन राजस्थान में होता है ” image-8=”” headline-9=”h2″ question-9=”सरसों की फसल में कौन सा रोग लगता है?” answer-9=”सरसों में आरा मक्खी और पन्टेड व मोयला रोग लगता है ” image-9=”” count=”10″ html=”true” css_class=””]

निष्कर्ष:

इस लेख में, हमने देखा कि  हाइब्रिड सरसों की खेती  के लिए सही मिट्टी और समय पर बुवाई करना होता  है। मिट्टी का पीएच स्तर, उपजाऊ तत्वों की उपलब्धता, और मिट्टी का द्रावणता सरसों की सही खेती के लिए महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, सरसों की खेती के लिए सही समय पर बीज बोना और कटाई करना भी आवश्यक है। इन बातो का ध्यान रखकर एक किसान सरसों की सही तरीके से खेती कर सकता है और अच्छी अधिक पैदावार ले सकते है।

ध्यान दें: यह लेख किसानो जानकारी देने के लिए लिखा गया है हम किसी भी उत्पाद का प्रचार नहीं  करते है हाइब्रिड सरसों की खेती करने से पहले अपने स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से जानकारी ले 

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